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NCERT Books Solutions for Class 11 राजनीति विज्ञान - भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ सरल,सटीक,और परीक्षा दृष्टि से उपयोगी बिन्दु


भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ 

भारत का संविधान भारत की अतीतकालीन आस्थाओं और परम्पराओं का प्रतीक है, साथ ही हमारे देश के राजनीतिक सांविधानिक ढाँचे के निर्धारण के साथ-साथ ऐसे संविधान निर्माण का ध्येय था, जो विशेष परिस्थितियों में भी राष्ट्र को गतिशील बनाये रखे, हमारे देश के संविधान का निर्माण हेतु विभिन्न स्रोतों को भी इसका हिस्सा बनाया गया जो संविधान की उत्कृष्टता को दर्शाता है और भारतीय संविधान की विशेषताओं में  चार चाँद लगाती है |

भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ : एक नजर 

  1. भारत का संविधान निर्मित,लिखित,एवं सर्वव्यापक संविधान है – भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषता है | मूल रूप से संविधान में 395 अनुच्छेद,8 अनुसूचियाँ, और 22 भागों में विभाजित था | आज हमारे संविधान में 465 से भी ज्यादा अनुच्छेद ,12 अनुसूचियाँ और 25 भागों में विभाजित है | जहाँ विश्व के अन्य देशो के संविधानों में मूल रूप से - अमरीका में केवल 7 , कनाडा में 147 , अफ्रीका में 253 और आस्ट्रेलिया में 128 अनुच्छेद थे | 86 वें संविधान संशोधन द्वारा (2002) अनुच्छेद -“21 क” के तहत शिक्षा को मूल अधिकार बनाया गया है |
  2. प्रभुत्व सम्पन्न,लोकतंत्रात्मक,पंथनिरपेक्ष ,और समाजवादी गणराज्य का होना- हमारा संविधान जन संप्रभुता के सिद्धान्त पर आधारित है जिसका निर्माण स्वयं जनता द्वारा किया गया है | 42 वां संविधान संशोधन 1976 द्वारा “संविधान की प्रस्तावना में “पंथनिरपेक्षता , समाजवाद , और अखंडता “ शब्द जौड़े गए थे |उपरोक्त शब्द भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषता को दर्शाते है |
  3.  संसदीय पद्धति की सरकार का होनाभारतीय संविधान की तीसरी विशेषता है भारतीय संविधान निर्माताओं ने भारत में संसदीय पद्धति को अपनाया था | इस पद्धति की मुख्य विशेषता सरकार का विधायिका के प्रति उत्तरदायी होना |कार्यपालिका का वास्तविक प्रधान जनता द्वारा चुना जाता है |
  4. स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका का होना भारतीय संविधान की एक विशेषता है ,भारत के संविधान निर्माताओं ने निष्पक्ष न्यायपालिका की स्थापना कर न्यायिक पुनरीक्षण की व्यवस्था की गई है | इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की स्वतन्त्रता की रक्षा के साथ ही केंद्र राज्यों के मध्य विवादों का समाधान भी करता है |
  5. संसदीय प्रणाली और न्यायिक सर्वोच्चता में समन्वय बनाए रखना भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं में संसदीय और न्यायिक सर्वोच्चता को बनाए रखना अर्थात संसदीय सर्वोच्चता के साथ ही न्यायिक पुनरावलोकन को भी सुनिश्चित किया गया है |
  6.  मूल अधिकारो का समावेश  भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं में मूल रूप से संविधान में 7 मौलिक अधिकार थे लेकिन 44 वां संविधान संशोधन 1978 द्वारा संपति के अधिकार को समाप्त कर दिया था | अब 6 मूल अधिकार है 1 समानता का अधिकार 2 स्वतन्त्रता का अधिकार 3 धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार  4 शोषण के विरुद्ध अधिकार 5 शिक्षा और संस्कृति का अधिकार 6 संवैधानिक उपचारों का अधिकार
  7.  नीति निर्देशक तत्व का होना भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषता नीति निर्देशक तत्वों द्वारा देश में कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है | हालांकि नीति निर्देशक तत्व न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है |
  8. कठोर और लचीले का मिश्रण होना भारतीय संविधान निर्माताओं ने हमारे संविधान को कठोर और लचीले का मिश्रण बनाया है ताकि सामान्य कानून और संवैधानिक कानून को आवश्यकता अनुसार लागू और भेद किया जा सके |
  9. केंद्राभिमुख संविधान का होना भारतीय संविधान की एक विशेषता है आपातकालीन जैसी स्थिति में केंद्र एकात्मक शक्तियाँ ग्रहण कर लेता है |
  10.  सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का होना भारतीय संविधान की एक विशेषता है अनुच्छेद 326 के अनुसार जो व्यक्ति 21 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका है उन्हें वोट देने का अधिकार प्राप्त था ( 61वां संविधान संशोधन द्वारा 1989 द्वारा वयस्क मताधिकार की आयु 18 वर्ष कर दी गई थी )
  11. एकल नागरिकता का होना भारतीय संविधान में एकल नागरिकता का प्रावधान किया गया है | जबकि अमरीका और इजरायल जैसे देशों में दौहरी नागरिकता का प्रावधान किया हुआ है | भारत में प्रत्येक नागरिक को एकल नागरिकता का ही प्रावधान किया गया है |
  12. मूल कर्तव्यों का समावेश स्वर्ण सिंह समिति की सिफ़ारिश के आधार पर भारतीय संविधान में 42वें (1976 ) संशोधन द्वारा 10 मूल कर्तव्यों को जौड़ा गया है | 86वें संविधान संशोधन द्वारा (2002) अनुच्छेद -“21 क” के तहत शिक्षा को मूल अधिकार व मूल कर्तव्य बनाया गया है, जिसके तहत अभिभावकों का कर्तव्य होगा कि6-14 वर्ष के  बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा दिलवाना |
  13. कल्याणकारी राज्य की स्थापना केंद्र और राज्य सरकारों  का प्रमुख ध्येय है कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना और जनता की समृद्धि और आर्थिक समता की स्थापना करना |
  14. सामाजिक समरसता और न्याय की स्थापना करना विविधता में एकता , सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना का होना, समाज के सभी वर्गों के साथ न्याय हो, ऐसी धारणा से कार्य करना |
  15. विश्व शांति व सुरक्षा की कामना करना  भारतीय संविधान की एक विशेषता है भारतीय संस्कृति में निहित भावनाओं के अनुरूप विश्व शांति और सुरक्षा की कामना करना हमारे संविधान की प्रमुख विशेषता है | अनुच्छेद 51 में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की कामना की गई है |
  16. जनता के अधिकारों की चर्चा सबसे पहले अमरीका के संविधान में की गई है |
*       आइवर जेनिग्स के अनुसार “ भारत का संविधान सीधे तौर पर 1935 के अधिनियम पर आधारित है ,जिसके अनेक उपबंधों को नवीन संविधान में शब्द्श: ले लिया गया है |”
*       डॉ. भीम राव अंबेडकर के अनुसार –“ मै इस तथ्य से लज्जा का अनुभव नहीं करता कि हमने भारतीय संविधान का निर्माण करते समय 1935 के अधिनियम कि बहुत सी बातों को अपनाया है | किसी भी अच्छी बात को अपनाने मै कोई संकोच नहीं होना चाहिए |”
*       भारतीय संविधान के अनुच्छेद 50 में न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण का वर्णन किया गया है |




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