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NCERT Books Solutions for Class 12 राजनीति विज्ञान - I संयुक्त राष्ट्र संघ और इसके महत्वपूर्ण अंगों के बारे में विस्तार से परीक्षा उपयोगी जानकारी


संयुक्त राष्ट्र संघ : एक अध्ययन


गूगल 
वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा तथा विकास और सहयोगमूलक संस्था हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 50 देशों ने 26 जून, 1945 को हस्ताक्षर किए थे। पोलैंड सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले सका था, किंतु थोड़े समय बाद चार्टर पर हस्ताक्षर करके वह भी संस्थापक सदस्यों की सूची में शामिल हो गया। इस प्रकार संयुक्त राष्ट्र संघ के 51 संस्थापक सदस्य देश थे | 24 अक्टूबर 1945 को पूर्णतया संयुक्त रष्ट संघ की स्थापना हो चुकी थी | इस प्रकार 24 अक्टूबर को प्रतिवर्ष संयुक्त “राष्ट्र दिवस” के रूप में मनाया जाता है | वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ में 193 सदस्य देश है | संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय न्यूयार्क में स्थित है |
संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के कारण
  • ·        अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा  तथा युद्धों को रोकने के लिए |
  • ·        शक्ति और धन का व्यय रचनात्मक कार्यो में हो |
  • ·        आण्विक, परमाणु बमों से मानवता को बचाना |
  • ·        भविष्य में युद्धों को रोकने हेतु समूहिक प्रयास की आवश्यकता |
  • ·        अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक,आर्थिक,सांस्कृतिक,सहयोगमूलक व्यवस्था का विकास हेतु 
  • ·        सामूहिक सुरक्षा की भावना विकसित करना |

संयुक्त राष्ट्र संघ के महत्वपूर्ण उद्देश्य
  • ·        विश्व को को भविष्य में युद्ध की विभीषिका से बचाना |
  • ·        वैश्विक स्तर पर सभी राष्ट्रों में सहयोग पूर्ण संबंध विकसित करना |
  • ·        वैश्विक स्तर पर समस्याओं का समाधान हेतु उचित मंच की आवश्यकता |
  • ·        शांतिपूर्ण उपायों तथा आपसी सहयोग द्वारा विवादों का निपटारा करना |

 संयुक्त राष्ट्र संघ के आधारभूत सिद्धान्त 
  • ·        संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी राष्ट्र समान होंगे |
  • ·        सभी राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा –पत्र का सम्मान करेंगे |
  • ·        सभी राष्ट्र एक-दूसरे राष्ट्र की प्रभुसत्ता और अखंडता का ख्याल रखेंगे |
  • ·        राष्ट्र एक दूसरे को धमकी नहीं देंगे |
  • ·        अंतर्राष्ट्रीय विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीकों से हल करेंगे |
  • ·        चार्टर या घोषणा पत्र का पालन करेंगे |
  • ·        किसी भी राष्ट्र के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे |

 संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज 
·        संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज नीली पृष्ठभूमि पर बना एक मानचित्र जिसमें "जैतून की शाखाएँ" है , जो की 'शांति' का प्रतीक मानी जाती है |
 संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रमुख भाषाएँ 
संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक रूप से 6 भाषाओं में कार्य किया जाता है -
1. अंग्रेजी
2. रुसी
3. चीनी
4. फ्रेंच
5.स्पेनिश
6. अरबी
 संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख अंग
 महासभा
 इसे साधारण सभा भी कहा जाता है |
1.     वर्तमान में इसमे 193 देश है |
2.     किसी भी देश के अधिकतम 5 प्रतिनिधि हो सकते है |
3.     महासभा का प्रमुख कार्य शांति एवं सुरक्षा को कायम रखने हेतु अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांत पर विचार व सुझाव देना |
4.     महासभा संयुक्त राष्ट्र संघ की दूसरी शाखाओ से रिपोर्ट लेती है और उनपर विचार करती है |
5.     सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्यों का चुनाव , सामाजिक व आर्थिक परिषद तथा ट्रस्टीशिप परिषद के लिए चुने गये सदस्यों का निर्वाचन ,अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों के चुनाव में सुरक्षा परिषद के साथ भाग लेना तथा सुरक्षा परिषद की सिफारिश  पर महासचिव नियुक्त करना इसका कार्य है |
6.     महासभा संयुक्त राष्ट्र संघ के बजट पर विचार , मंज़ूर और सदस्य देशो का अंशदान निर्धारित करती है |
7.     यदि महासभा का अधिवेशन नही चल रहा हो और आवश्यकता पड़े तो महासभा सुरक्षा परिषद के किन्ही 9 सदस्यों या संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकांश सदस्यों की सहमति पर 24 घंटे के भीतर विशेष बैठक बुला सकती है |
सुरक्षा परिषद
सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र संघ का महत्वपूर्ण अंग है |
1.     सुरक्षा परिषद में  कुल 15 सदस्य होते है |
2.     सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की संख्या 5 है , जिसमे चीन, फ्रांस , रूस , अमेरिका और ब्रिटेन है और 10 अस्थायी सदस्य महासभा द्वारा 2 साल के लिए चुने जाते है |
3.     मूल रूप से सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यों की संख्या 6 थी , जिसे 1965 में संशोधित कर 10 कर दिया गया |
4.     सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता सदस्यों के अंग्रेजी वर्णमाला के क्रमानुसार आयोजित की जाती है...प्रत्येक राष्ट्रपति एक कैलेण्डर महीने के लिए पद धारण करता है |
5.     प्रत्येक परिषद के सदस्य का एक वोट है जबकि प्रकियागत मामलो पर निर्णय के लिए 15 सदस्यों में से कम से कम 9 सदस्यों का सकारात्मक वोट होना जरूरी है |
6.     मूल मामलो पर निर्णय के लिए सभी 5 स्थायी सदस्यों की वीटो शक्ति सहित 9 वोटो की आवश्यकता है |
भारत और सुरक्षा परिषद
संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत 30 अक्टूबर 1945 से ही अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है | भारत की भूमिका हमेसा से ही अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की रही है | संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना से लेकर वर्ष 2018 तक भारत सुरक्षा परिषद में 7 बार अस्थायी सदस्य बन चुका है और आज स्थायी सदस्य के रूप में भी अपनी दावेदारी को मजबूती से इस मंच पर रखा है – (1) 1950-51 (2) 1967-68 (3) 1972-73 (4) 1977-78 (5) 1984-85 (6) 1991-92 (7) 2011-12 में भारत अस्थायी सदस्य रह चुका है |
सुरक्षा परिषद के कार्य तथा अधिकार
1. संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्यों और सिद्धांतो के अनुकूल अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को कायम रखना |
2. अंतर्राष्ट्रीय झगड़ो को सुलझाने हेतु उपायों पर सुझाव देना |
3. शस्त्रीकरण का नियमन |
4. शांति के लिए खतरा या आक्रमण के कारणों का निर्धारण तथा कार्यवाही पर सुझाव |
5. आक्रमण को रोकने के लिए शस्त्र प्रयोग के अतिरिक्त प्रतिबंदो के लिए अनुरोध करना |
6. आक्रमणकारियों के विरुद्ध सैनिक कार्यवाही करना |
7. सामाजिक क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र संघ के ट्रस्टीशिप कार्यो का सुझाव देना |
8. महासभा को महासचिव के चुनाव हेतु सुझाव देना |
9. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में महासभा के साथ मिलकर न्यायलय के न्यायाधीशों का चुनाव |
10. महासभा को वार्षिक रिपोर्ट देना |
                                                
सामाजिक एवं आर्थिक परिषद
  • ·        सामाजिक एवं आर्थिक परिषद में कुल 54 सदस्य होते है |
  • ·        तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए इसके सदस्यों का चुनाव महासभा द्वारा किया जाता है
  • ·        सामाजिक एवं आर्थिक परिषद में 18 सदस्य ( 1/3 ) प्रतिवर्ष सेवानिवृत्त हो जाते है |
  • ·        मूल रूप से इसकी सदस्य संख्याँ 27 थी |
  • ·        प्रत्येक सदस्य को एक मत देने का अधिकार होता है एवं निर्णय साधारण बहुमत द्वारा किये जाते है |
  • ·        इसका मुख्यालय न्यूयार्क में है |
  • ·        सामाजिक और आर्थिक परिषद की सीटें भौगोलिक प्रतिनिधित्व के हिसाब से आवंटित की जाती है , जिसमे अफ्रीकी देशो को 14 , एशियाई देशो को 11 , पूर्वी यूरोपीय देशो के लिए 6 , लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशो के लिए 10 और पश्चिमी यूरोपीय देशो एवं अन्य देशो के लिए 13 सदस्य सम्मिलित है |
  • ·        सामाजिक और आर्थिक परिषद की गतिविधियाँ 9 कार्यात्मक आयोगों , 5 क्षेत्रीय आयोगों एवं 3 स्थायी समितियों द्वारा संपन्न की जाती है |

 सामाजिक एवं आर्थिक परिषद के कार्य 
  1. ·        सामाजिक और आर्थिक परिषद महासभा द्वारा अधिकृत संयुक्त राष्ट्र संघ की सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियों के लिए उत्तरदायी होती है |
  2. ·        अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक , सामाजिक , सांस्कृतिक , शिक्षा तथा स्वास्थ्य , मौलिक अधिकार मौलिक स्वतंत्रताओ का पालन करना आदि सम्बद्ध विषयों पर रिपोर्ट देना तथा अध्ययन की व्यवस्था करना |
  3. ·        इससे सम्बंधित महासभा में मसौदे तैयार करना व इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन बुलवाना परिषद के कार्य है |
  4. ·        सामान्यतः बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते है ,प्रत्येक सदस्य का एक वोट होता है |

सामाजिक एवं आर्थिक परिषद के कार्यात्मक आयोग के उद्देश्य
  1.     सामाजिक और आर्थिक परिषद का महत्वपूर्ण कार्य है नागरिक स्वतंत्रता एवं अधिकार , महिलाओ की स्थिति आदि मामलो पर अपना प्रतिवेदन एवं सिफारिशे प्रस्तुत करना |
  2. सामाजिक और आर्थिक परिषद जनसंख्याँ एवं अप्रवासन सम्बन्धी मामलो का विश्लेषण कर , परिषद को संस्तुति प्रस्तुत करना |
  3. सामाजिक और आर्थिक परिषद मादक द्रव्यों से संबधित प्रकरणों का विश्लेषण एवं अंततः कार्यवाही रिपोर्ट महासभा को सौपना |
  4. सामाजिक और आर्थिक परिषद सांख्यिकी सेवाओ का विकास एवं उनका प्रसार करना |
  5. सामाजिक और आर्थिक परिषद सामाजिक विकास सम्बन्धी नीतियों पर परिषद को सलाह देना |
  6. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओ की स्थिति का मूल्यांकन कर , उनके अधिकारों को सही दिशा में प्रोत्शाहित करना |
  7. सामाजिक और आर्थिक परिषद प्राकृतिक संसाधनों एवं संपदा का ध्यान रखते हुए " ग्रीन डेवलपमेंट " की अवधारना को प्रोत्साहित करना |

न्यास परिषद
वर्तमान में न्यास परिषद को समाप्त कर दिया है | संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर में इसके उद्देश्य निम्न लिखित बताये गए है :-
1. अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को बढ़ाना देना |
2. संरक्षित प्रदेशो के निवासियों को राजनीतिक , आर्थिक , सामाजिक तथा शिक्षा क्षेत्र में उन्नति देना |
3. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मौलिक अधिकारों व स्वतंत्रता को बढ़ावा देना |
4. वैश्विक स्तर पर सामाजिक , आर्थिक तथा वाणिज्य सम्बन्धी मामलो में सभी सदस्यों को समानता के व्यवहार का आश्वासन देना |
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
4 सितम्बर 1949 को आयोजित “डम्बार्टन ओक्स सम्मेलन” , जो की संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर से सम्बंधित था , में एक अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की आवश्यकता पर विचार किया गया | अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र संघ की मुख्य न्यायिक संस्था है...इसका संचालन चार्टर के विभिन्न अंगों के अधिनियमों द्वारा किया जाता है |
  1. ·        अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में 15 न्यायाधीश होते है |
  2. ·        सुरक्षा परिषद व महासभा में अलग - अलग मतदान में बहुमत के आधार पर न्यायाधीशों का चुनाव होता है |
  3. ·        अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के विधान में 15 न्यायाधीशों के अलावा तदर्थ न्यायाधीशों की व्यवस्था भी है |
  4. ·        न्यायाधीशों का चुनाव उनकी राष्ट्रीयता पर निर्भर नही करता , वरन उनकी योग्यता पर आधारित होता है |
  5. ·        विश्व की सभी समुचित न्याय प्रणालियों को इसमें प्रतिनिधित्व दिए जाने का प्रयास किया जाता है |
  6. ·        एक ही राष्ट्र के 2 नागरिक एक ही अवधि के लिए न्यायाधीश नही चुने जा सकते |
  7. ·        अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों का कार्यकाल 9 साल का होता है |
  8. ·        अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय निदरलैंड के “हेग” में स्थित है |
  9. ·        अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का कार्य अंग्रेजी और फ्रेंच में होता है |

सचिवालय
सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ की अन्य सभी शाखाओ का कार्य करता है |यह उनके द्वारा निर्धारित नीतियों और योजनाओ का प्रशासकीय कार्यालय है | चार्टर की धारा- 95 से लेकर 101 तक इसकी स्थापना की व्यवस्था का उल्लेख है |संयुक्त राष्ट्र संघ के दैनिक कार्यो हेतु सचिवालय का मुख्य कार्यालय और विभिन्न क्षेत्रो में काम करने वाले उसके अंतर्राष्ट्रीय कार्यकर्ता है...सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ का स्थायी अंग है |
                                महासचिव : कार्य और अधिकार :-
संयुक्त राष्ट्र संघ सचिवालय का प्रधान महासचिव होता है |वह संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रमुख कार्यपालक होता है |अपने व्यापक अधिकारों और दायित्वों के कारण यह पद महत्वपूर्ण बन गया है |चार्टर की धारा 97 में महासचिव की नियुक्ति हेतु " सुरक्षा परिषद की सलाह पर महासभा द्वारा नियुक्ति" का प्रावधान है | वर्तमान में एंटोनियों गुटरेज ( पुर्तगाल ) महासचिव है |
1. सामान्य प्रशासन व व्यवस्था.
2. प्राविधिक कार्य.
3. वित्तीय कार्य.
4. सचिवालय के संगठन अथवा प्रशासन सम्बन्धी कार्य.
5. राजनीतिक कार्य.             



















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1 comment:

  1. सर ऐसा ही मेटर भेजते रहे

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